Sunday, June 13, 2010

Gadhada Pratham Vachnamrut 27

स्वामीनारायण हरे .
परमेश्वर  ने भजवानी तो सर्वेने इच्छा छे पण समजण मां फेर रहे छे, माटे जेनी आवी समजण होय तेना ह्रदयमां भगवान सर्वे प्रकारे निवास करीने रहे छे. तेनी विगत जे एम समजतो होय जे, आ पृथ्वी जेनी राखी स्थिर रही छे ने दोलावी डोले छे तथा आ तारामंडल जेनुं राख्युं अधर रह्युं छे तथा जेना वर्षव्या मेघ वर्षे छे तथा जेनी......................
एवां अनंत आश्चर्य छे ते सर्वे मुने मल्या ऐवा जे भगवान तेना कर्या ज थाय छे एम समजे पण प्रगट प्रमाण जे आ भगवान ते विना बीजो कोई ए आश्चर्यनो करनारो छे एम माने नहीं; अने पूर्वे जे जे अनंत प्रकारना आश्चर्य  थई गयां छे तथा हमनां जे थाय छे तथा आगळ थाशे ते सर्वे मुने मल्या एवा जे प्रत्यक्ष भगवान ते वते ज थाय छे एम समजे अने वळी पोते एम समजतो होय जे, चहाय कोई मारी ऊपर धुल नाखो.................................

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